स्वज्ञान — प्राचीन ज्ञान, आज के जीवन के लिए

अनुभव

कभी-कभी जवाब किसी नई बात में नहीं,
बल्कि किसी पुरानी समझ में छिपा होता है।

नीचे दिए विषयों में से कोई एक चुनिए, फिर अपनी परिस्थिति से मिलता-जुलता प्रश्न खोलिए।

आज का ज्ञान

मेरे मन में...

भावनाएँ, बेचैनी, भीतर की उलझन

मेरी ज़िंदगी में...

काम, पैसा, रिश्ते, स्वास्थ्य

मैं जानना चाहता हूँ...

जीवन, मृत्यु, ईश्वर, कर्म

आज का विचार

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।

Karmaṇy-evādhikāras te mā phaleṣu kadācana.

कर्म पर आपका अधिकार है, फल पर नहीं। कीजिए — और परिणाम की पकड़ थोड़ी ढीली छोड़ दीजिए।

भगवद्गीता · 2.47