
पूजा और संस्कार
हिंदू परंपरा में पूजा, व्रत, अनुष्ठान और संस्कारों को समझें।
क्या है · क्यों होती है · कब करें · कैसे करें
मुख्य श्रेणियाँ
अधिक देखी जाने वाली
- सत्यनारायण पूजाभगवान विष्णु से जुड़ी एक लोकप्रिय गृह पूजा, जिसमें कथा-पाठ मुख्य होता है।· भगवान विष्णु· गृह पूजा· देवताओं के अनुसार
- हनुमान चालीसा पाठजब भीतर भय बैठ जाए, आत्मविश्वास टूटने लगे या कोई अकारण परेशान कर रहा हो — तब का सबसे सरल और सर्वसुलभ नित्य पाठ।· हनुमान· नित्य पाठ
- दीपावलीदीपों का पर्व, जिसमें लक्ष्मी पूजन प्रमुख है।· माता लक्ष्मी· प्रमुख पर्व· पर्व और त्योहार
- गणेश पूजाकिसी भी शुभ कार्य के आरंभ में की जाने वाली पूजा।· भगवान गणेश· आरंभ पूजा· देवताओं के अनुसार
- लक्ष्मी पूजामाता लक्ष्मी की आराधना, विशेषकर दीपावली और नए व्यवसाय के आरंभ पर।· माता लक्ष्मी· गृह पूजा· देवताओं के अनुसार
- सुंदरकांड पाठजब कोई काम असंभव लगने लगे, बहुत समय से कोई बाधा टल न रही हो, या परिवार पर संकट हो — तब किया जाने वाला रामचरितमानस के सुंदरकांड का पाठ।· हनुमान· नित्य पाठ
देवता के अनुसार
अवसर के अनुसार
व्रत और उपवास
- सोमवार व्रतशिव जी को समर्पित सोमवार का व्रत।· भगवान शिव· साप्ताहिक व्रत· व्रत और उपवास
- एकादशी व्रतमाह में दो बार आने वाला विष्णु-संबंधी व्रत।· भगवान विष्णु· तिथि व्रत· व्रत और उपवास
- करवा चौथचंद्रोदय तक रखा जाने वाला व्रत, मुख्यतः उत्तर भारत में।· माता पार्वती· पर्व व्रत· व्रत और उपवास
- प्रदोष व्रतत्रयोदशी तिथि की संध्या को किया जाने वाला शिव व्रत।· भगवान शिव· तिथि व्रत· व्रत और उपवास
- तीजसावन-भाद्रपद में स्त्रियों द्वारा मनाया जाने वाला व्रत और उत्सव।· माता पार्वती· पर्व व्रत· व्रत और उपवास
- पूर्णिमा व्रतपूर्णिमा तिथि पर रखा जाने वाला व्रत, प्रायः सत्यनारायण कथा के साथ।· भगवान विष्णु· तिथि व्रत· व्रत और उपवास
- संकष्टी चतुर्थीगणेश जी को समर्पित मासिक चतुर्थी व्रत, चंद्रदर्शन के बाद पारण।· भगवान गणेश· तिथि व्रत· व्रत और उपवास
- अमावस्याअमावस्या तिथि पर स्नान, दान और पितृ स्मरण की परंपरा।· पितर· तिथि व्रत· व्रत और उपवास
हिंदू संस्कार
- विवाह संस्कारअग्नि को साक्षी मानकर किया जाने वाला विवाह संस्कार।· अग्नि· विवाह· हिंदू संस्कार
- नामकरण संस्कारशिशु का नाम रखने का संस्कार।· भगवान गणेश· बाल संस्कार· हिंदू संस्कार
- अन्नप्राशनशिशु को पहली बार अन्न खिलाने का संस्कार।· भगवान गणेश· बाल संस्कार· हिंदू संस्कार
- मुंडन / चूड़ाकर्मबालक के पहले केश उतारने का संस्कार।· कुल देवता· बाल संस्कार· हिंदू संस्कार
- अंत्येष्टि और पितृ कर्मजीवन के अंतिम संस्कार और उसके बाद के पितृ कर्म।· पितर· अंतिम संस्कार· हिंदू संस्कार
- उपनयन संस्कारयज्ञोपवीत धारण और वेदाध्ययन के आरंभ से जुड़ा संस्कार।· गायत्री· शिक्षा संस्कार· हिंदू संस्कार
क्षेत्र और परंपरा के अनुसार
परंपरा के अनुसार विधि में अंतर हो सकता है।
सभी पूजा और अनुष्ठान
- सत्यनारायण पूजाभगवान विष्णु से जुड़ी एक लोकप्रिय गृह पूजा, जिसमें कथा-पाठ मुख्य होता है।· भगवान विष्णु· गृह पूजा· देवताओं के अनुसार
- हनुमान चालीसा पाठजब भीतर भय बैठ जाए, आत्मविश्वास टूटने लगे या कोई अकारण परेशान कर रहा हो — तब का सबसे सरल और सर्वसुलभ नित्य पाठ।· हनुमान· नित्य पाठ
- दीपावलीदीपों का पर्व, जिसमें लक्ष्मी पूजन प्रमुख है।· माता लक्ष्मी· प्रमुख पर्व· पर्व और त्योहार
- गणेश पूजाकिसी भी शुभ कार्य के आरंभ में की जाने वाली पूजा।· भगवान गणेश· आरंभ पूजा· देवताओं के अनुसार
- लक्ष्मी पूजामाता लक्ष्मी की आराधना, विशेषकर दीपावली और नए व्यवसाय के आरंभ पर।· माता लक्ष्मी· गृह पूजा· देवताओं के अनुसार
- सुंदरकांड पाठजब कोई काम असंभव लगने लगे, बहुत समय से कोई बाधा टल न रही हो, या परिवार पर संकट हो — तब किया जाने वाला रामचरितमानस के सुंदरकांड का पाठ।· हनुमान· नित्य पाठ
- नवरात्रि पूजानौ दिनों तक देवी दुर्गा के नौ रूपों की आराधना।· माता दुर्गा· देवी आराधना· पर्व और त्योहार
- तुलसी पूजाघर में लगातार तनाव, छोटी-छोटी बातों पर कलह, या मन का अशांत रहना — इसके लिए सबसे सरल दैनिक साधना।· तुलसी· नित्य पूजा
- रुद्राभिषेकशिवलिंग पर जल, दूध आदि से अभिषेक करते हुए रुद्र मंत्रों का पाठ।· भगवान शिव· शिव पूजा· देवताओं के अनुसार
- शनि साढ़ेसाती शांतिजब लगातार परिश्रम के बाद भी काम रुकते जाएँ, नौकरी-व्यापार में देरी हो, मन भारी रहे — तब शनि की साढ़ेसाती की शांति के लिए किया जाने वाला साप्ताहिक अनुष्ठान।· शनिदेव· ग्रह शांति
- गृह प्रवेशनए घर में पहली बार प्रवेश के समय किया जाने वाला अनुष्ठान।· भगवान गणेश· गृह अनुष्ठान· गृह और परिवार
- दुर्गा सप्तशती पाठजब कोई निरंतर सता रहा हो, अन्याय सहना पड़ रहा हो या भीतर लड़ने का बल न बचा हो — तब किया जाने वाला शक्ति उपासना का पाठ।· दुर्गा· नित्य पाठ
- महाशिवरात्रिशिव को समर्पित रात्रि-जागरण वाला प्रमुख पर्व।· भगवान शिव· शिव पर्व· पर्व और त्योहार
- हनुमान पूजाहनुमान जी की सरल आराधना, प्रायः चालीसा या सुंदरकांड पाठ के साथ।· हनुमान जी· भक्ति पूजा· देवताओं के अनुसार
- सरस्वती पूजापरीक्षा का भय, पढ़ाई में मन न लगना, याददाश्त की कमजोरी या कला-संगीत में प्रगति की कामना — विद्यार्थियों और कलाकारों के लिए।· सरस्वती· विशेष कामना
- गायत्री जपजब मन बिखरा हुआ हो, निर्णय न ले पा रहे हों या भीतर से अशुद्धि और ग्लानि का अनुभव हो — तब की जाने वाली सबसे प्राचीन जप साधना।· गायत्री· नित्य जप
- कुबेर-लक्ष्मी पूजाआमदनी आने पर भी टिक न पाना, व्यापार में लगातार हानि या आर्थिक तंगी — इन स्थितियों के लिए धन-स्थिरता की उपासना।· कुबेर· विशेष कामना
- गणेश चतुर्थीगणेश जी की स्थापना और विसर्जन का पर्व।· भगवान गणेश· गणेश पर्व· पर्व और त्योहार
- मंगल दोष शांतिविवाह में बार-बार रुकावट, बात बनते-बनते बिगड़ जाना, या रिश्तों में तीव्र क्रोध और टकराव — इन स्थितियों में की जाने वाली मंगल शांति।· मंगल· ग्रह शांति
- जन्माष्टमीभगवान कृष्ण के जन्म का पर्व, मध्यरात्रि पूजन के साथ।· भगवान कृष्ण· कृष्ण पर्व· पर्व और त्योहार
- होलीरंगों और होलिका दहन का वसंत पर्व।· भगवान विष्णु· प्रमुख पर्व· पर्व और त्योहार
- बृहस्पति (गुरु) पूजाविवाह में विलंब, संतान संबंधी चिंता, पढ़ाई में मन न लगना या जीवन में सही मार्गदर्शक न मिलना — इन स्थितियों के लिए गुरुवार की उपासना।· बृहस्पति· ग्रह शांति
- विवाह संस्कारअग्नि को साक्षी मानकर किया जाने वाला विवाह संस्कार।· अग्नि· विवाह· हिंदू संस्कार
- राहु-केतु शांतिजब मन में अकारण भय, भ्रम, अनिद्रा हो, बार-बार धोखा मिले या निर्णय लेने में उलझन बनी रहे — तब की जाने वाली छाया-ग्रह शांति।· राहु· ग्रह शांति
- राम नवमीभगवान राम के जन्म का पर्व।· भगवान राम· राम पर्व· पर्व और त्योहार
- दशहरानवरात्रि के बाद विजय का पर्व।· भगवान राम· प्रमुख पर्व· पर्व और त्योहार
- चंद्र पूजामन का बार-बार डगमगाना, रात में नींद न आना, भावनाओं में तीव्र उतार-चढ़ाव या माता के स्वास्थ्य की चिंता — इन स्थितियों के लिए सोमवार की चंद्र-शिव उपासना।· चंद्रदेव· ग्रह शांति
- रक्षाबंधनभाई-बहन के संबंध का पर्व, श्रावण पूर्णिमा को।· कुल देवता· पारिवारिक पर्व· पर्व और त्योहार
- सोमवार व्रतशिव जी को समर्पित सोमवार का व्रत।· भगवान शिव· साप्ताहिक व्रत· व्रत और उपवास
- ऋण मोचन मंगल पूजासिर पर चढ़ा कर्ज, हर महीने की किस्त का दबाव और उससे उपजी नींद उड़ा देने वाली चिंता — इस विशेष स्थिति के लिए ऋण मोचन उपासना।· मंगल· विशेष कामना
- संतान गोपाल पूजासंतान की कामना, संतान के स्वास्थ्य की चिंता, या संतान से बढ़ती दूरी — इन कोमल पीड़ाओं के लिए बाल गोपाल की उपासना।· कृष्ण· विशेष कामना
- मकर संक्रांतिसूर्य के उत्तरायण होने का पर्व, स्नान और दान की परंपरा।· सूर्य देव· सूर्य पर्व· पर्व और त्योहार
- एकादशी व्रतमाह में दो बार आने वाला विष्णु-संबंधी व्रत।· भगवान विष्णु· तिथि व्रत· व्रत और उपवास
- शनि पूजाशनिदेव की आराधना, प्रायः तेल-दीप और दान के साथ।· शनि देव· ग्रह संबंधी· देवताओं के अनुसार
- बुध पूजापढ़ाई में मन न लगना, याददाश्त कमजोर होना, वाणी में रुकावट या व्यापार में बार-बार गलत निर्णय — इन स्थितियों के लिए बुधवार की उपासना।· बुध· ग्रह शांति
- करवा चौथचंद्रोदय तक रखा जाने वाला व्रत, मुख्यतः उत्तर भारत में।· माता पार्वती· पर्व व्रत· व्रत और उपवास
- महामृत्युंजय जापमहामृत्युंजय मंत्र का निश्चित संख्या में जाप।· भगवान शिव· शिव आराधना· स्वास्थ्य और शांति
- शुक्र पूजापति-पत्नी में दूरी, घर में सुख-शांति की कमी, या कला-रचनात्मक कार्य में रुकावट — इन स्थितियों के लिए शुक्रवार की उपासना।· शुक्र· ग्रह शांति
- छठ पूजासूर्य को अर्घ्य देने वाला चार दिवसीय कठिन व्रत।· सूर्य देव· सूर्य आराधना· पर्व और त्योहार
- सूर्य अर्घ्यसूर्योदय के समय जल अर्पित करने की सरल दैनिक परंपरा।· सूर्य देव· दैनिक पूजा· देवताओं के अनुसार
- विष्णु पूजाभगवान विष्णु की सामान्य आराधना, तुलसी अर्पण के साथ।· भगवान विष्णु· भक्ति पूजा· देवताओं के अनुसार
- प्रदोष व्रतत्रयोदशी तिथि की संध्या को किया जाने वाला शिव व्रत।· भगवान शिव· तिथि व्रत· व्रत और उपवास
- नामकरण संस्कारशिशु का नाम रखने का संस्कार।· भगवान गणेश· बाल संस्कार· हिंदू संस्कार
- नवग्रह शांतिनवग्रहों से जुड़ा शांति अनुष्ठान।· नवग्रह· ग्रह संबंधी· स्वास्थ्य और शांति
- तीजसावन-भाद्रपद में स्त्रियों द्वारा मनाया जाने वाला व्रत और उत्सव।· माता पार्वती· पर्व व्रत· व्रत और उपवास
- वास्तु पूजाभवन से जुड़ी शांति और मंगल की कामना का अनुष्ठान।· वास्तु पुरुष· गृह अनुष्ठान· गृह और परिवार
- पूर्णिमा व्रतपूर्णिमा तिथि पर रखा जाने वाला व्रत, प्रायः सत्यनारायण कथा के साथ।· भगवान विष्णु· तिथि व्रत· व्रत और उपवास
- कलश स्थापनाजल से भरे कलश की स्थापना, जो अनेक पूजाओं का आरंभिक अंग है।· सभी देवता· पूजा अंग· गृह और परिवार
- अक्षय तृतीयानई शुरुआत के लिए शुभ मानी जाने वाली तिथि।· भगवान विष्णु· शुभ तिथि· पर्व और त्योहार
- गृह शांतिघर की शांति के लिए किया जाने वाला हवन/पूजन।· सभी देवता· गृह अनुष्ठान· स्वास्थ्य और शांति
- अन्नप्राशनशिशु को पहली बार अन्न खिलाने का संस्कार।· भगवान गणेश· बाल संस्कार· हिंदू संस्कार
- भूमि पूजननिर्माण कार्य आरंभ करने से पहले भूमि का पूजन।· भूमि माता· गृह अनुष्ठान· गृह और परिवार
- मुंडन / चूड़ाकर्मबालक के पहले केश उतारने का संस्कार।· कुल देवता· बाल संस्कार· हिंदू संस्कार
- संकष्टी चतुर्थीगणेश जी को समर्पित मासिक चतुर्थी व्रत, चंद्रदर्शन के बाद पारण।· भगवान गणेश· तिथि व्रत· व्रत और उपवास
- कार्तिक पूर्णिमाकार्तिक मास की पूर्णिमा, स्नान-दान और दीपदान का पर्व।· भगवान शिव· पूर्णिमा पर्व· पर्व और त्योहार
- अंत्येष्टि और पितृ कर्मजीवन के अंतिम संस्कार और उसके बाद के पितृ कर्म।· पितर· अंतिम संस्कार· हिंदू संस्कार
- अमावस्याअमावस्या तिथि पर स्नान, दान और पितृ स्मरण की परंपरा।· पितर· तिथि व्रत· व्रत और उपवास
- उपनयन संस्कारयज्ञोपवीत धारण और वेदाध्ययन के आरंभ से जुड़ा संस्कार।· गायत्री· शिक्षा संस्कार· हिंदू संस्कार
- शांति पाठवैदिक शांति मंत्रों का पाठ, प्रायः किसी अनुष्ठान के समापन पर।· सभी देवता· पाठ· स्वास्थ्य और शांति
यह पूजा और हिंदू अनुष्ठानों का एक विस्तृत संग्रह है, जो निरंतर बढ़ रहा है। विधि, सामग्री और तिथि क्षेत्र, परिवार और परंपरा के अनुसार अलग हो सकती है।