← पूजा और संस्कारऋण मोचन मंगल पूजा
मंगल से संबंधित · विशेष कामना
अन्य नाम: कर्ज मुक्ति पूजा, ऋणहर्ता गणेश
यह पूजा क्या है?
ऋणहर्ता गणेश और मंगल देव को समर्पित मंगलवार की विशेष उपासना, जिसमें ऋण मोचन स्तोत्र का पाठ होता है।
किसकी पूजा है?
इसे क्यों करते हैं?
कर्ज केवल आर्थिक बोझ नहीं, मानसिक बंधन भी है। यह उपासना संयम, योजना और आत्मविश्वास के साथ ऋण से मुक्ति के संकल्प को दृढ़ करने के लिए की जाती है।
इसे करने से क्या फल मिलता है?
चिंता और अपमान-भय में कमी; व्यय पर नियंत्रण का संकल्प; आय के नए मार्ग खुलने की मान्यता; लेनदार से संवाद का साहस।
कब की जाती है?
प्रत्येक मंगलवार, प्रातःकाल। लगातार इक्कीस मंगलवार का संकल्प परंपरागत है।
कौन कर सकता है?
कोई भी ऋणग्रस्त स्त्री-पुरुष।
क्या कोई विशेष नियम हैं?
पूजा के साथ अपने ऋण की सूची लिखकर उसे संकल्प के समय सामने रखें और चुकाने की तिथि निर्धारित करें — यही इस उपासना का व्यावहारिक अंग है।
कब नहीं करनी चाहिए?
कोई विशेष निषेध नहीं।
कैसे की जाती है? — संक्षिप्त क्रम
- 1. प्रातः स्नान कर लाल आसन पर बैठें
- 2. ऋणहर्ता गणेश के समक्ष दीपक जलाएँ
- 3. लाल पुष्प, दूर्वा, गुड़ और मसूर अर्पित करें
- 4. "ऋणहर्ता गणपति स्तोत्र" का पाठ करें
- 5. "ॐ गं ऋणहर्त्रे नमः" का 108 बार जप करें
- 6. मसूर दाल और गुड़ का दान करें
विस्तृत विधि
ऋण मोचन उपासना में परंपरा एक कठोर नियम देती है — जब तक ऋण है, तब तक कोई नया अनावश्यक व्यय नहीं। पूजा के समय ऋण की सूची सामने रखकर सबसे छोटे ऋण से चुकाना आरंभ करने का संकल्प लिया जाता है, क्योंकि पहली मुक्ति ही आत्मविश्वास देती है। इक्कीस मंगलवार तक यह क्रम चलता है और प्रत्येक मंगलवार को थोड़ा-सा दान अनिवार्य माना जाता है।
पूजा सामग्री — पूरी सूची
नीचे दी गई सूची में सामान्य पूजन सामग्री और इस पूजा से जुड़ी विशेष सामग्री — दोनों सम्मिलित हैं। जो वस्तु उपलब्ध न हो, उसके स्थान पर जल, अक्षत और पुष्प अर्पित कर देना भी परंपरा में स्वीकार्य है।
- 1.लाल पुष्प
- 2.दूर्वा
- 3.गुड़
- 4.मसूर दाल
- 5.लाल आसन
- 6.दीपक
- 7.ऋण सूची (कागज)
सामग्री क्षेत्र और परिवार की परंपरा के अनुसार अलग हो सकती है।
क्षेत्रीय अंतर
उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में ऋण मोचन अनुष्ठान की विशेष परंपरा है।
पारंपरिक महत्व
ऋण को शास्त्रों में भी बंधन कहा गया — उसे चुकाना धर्म का अंग माना गया है, इसीलिए यह पूजा संकल्प-प्रधान है।
परंपरा और संदर्भ
परंपरा: सनातन
क्षेत्र: भारत
संदर्भ: ऋणहर्ता गणपति स्तोत्र · स्कंद पुराण
विधि और सामग्री क्षेत्र, परिवार और परंपरा के अनुसार अलग हो सकती है। यहाँ दी गई जानकारी सामान्य पारंपरिक ढाँचा है, कोई अनिवार्य नियम नहीं।
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आपके अनुभव और प्रश्न
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